निदेशक की कलम से

          

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शिविरा-मार्च, 2019                
                     दृढ़ संकल्पित होकर कार्य करें
           यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता का उद्घोष करते हुए हमारी संस्कृति नारी शक्ति के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करती है। महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए सम्पूर्ण विश्व  8 मार्च को ‘ विश्व महिला दिवस’ मनाता है। बालिका शिक्षा के प्रति संवेदनशीलता और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनओं से समाज में जागरूकता आ रही है। शिक्षा और रोजगार के बढ़ते अवसरों ने बालिकाओं और महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया है। विभिन्न क्षेत्रों के चुनौतीपूर्ण कार्यों में भी महिलाओं ने अपने कुशल नेतृत्व से नई दिशा  प्रदान की है। हमारा राज्य अपना स्थापना दिवस 30 मार्च को मना रहा है, इस विशिष्ट अवसर पर हम दृढ़संकल्पित हो  कि हम न केवल शिक्षा के क्षेत्र में अपितु हर क्षेत्र में चहुँमुखी प्रगति करते हुए अपने राज्य को राष्ट्र का सिरमौर बनाएंगे।
     हमारा प्रयास रहा है कि राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उनकी नैसर्गिक प्रतिभा का भी उन्नयन हो, इस हेतु पिछले दिनों शनिवारीय बालसभाओं को विशिष्ट रूप दिया गया। सार्वजनिक/ खुले स्थान पर आयोजित हुई इन बालसभाओं में विद्यालय और स्थानीय समुदाय ने एक ही जाजम पर सहभागिता निभाई। संस्थाप्रधानों ने अपने विद्यालय के भौतिक सुधार और उत्कर्ष हेतु समुदाय के साथ समन्वय कर सहयोग लिया, वहीं विद्यार्थियों की प्रतिभा को भी अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम मिला। यह प्रेरणादायक रचनात्मकता निरन्तर बनी रहनी चाहिए।
     संस्थाप्रधान अपने विद्यालय की ‘विद्यालय विकास योजना’ (SDP) बनाकर उसके क्रियान्वयन हेतु प्रभावी कदम उठाएं। भामाशाहों/ काॅर्पोरेट्स का सहयोग लेकर विद्यालय विकास को नई दिशा दें। विद्यालयों में पर्यवेक्षण और संबलन का कार्य निर्बाध और प्रभावी रूप से चलता रहे। जिस विद्यालय का शैक्षिक वातावरण और परीक्षा परिणाम श्रेष्ठ रहता है, वहाँ का नामांकन लगातार बढ़ता है। सभी संस्थाप्रधान और शिक्षक आगामी सत्र हेतु अपने-अपने विद्यालयों को सही अर्थों में सर्वश्रेष्ठ, आदर्श  और उत्कृष्ट विद्यालय बनाने हेतु दृढ़संकल्पित होकर कार्य करें।
मार्च माह में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कक्षाओं की बोर्ड परीक्षा है। परीक्षा, शिक्षकों और विद्यार्थियों के द्वारा सत्रपर्यन्त किए गए कठिन परिश्रम के मूल्यांकन का माध्यम है। हमारा प्रयास रहे कि परीक्षा में प्रत्येक विद्यार्थी भयमुक्त, तनावरहित रहकर सहजरूप से अपने ज्ञान का प्रकटीकरण कर सके। परीक्षा केन्द्र सकारात्मकता से परिपूर्ण रहे  । हमारे प्रबन्धन में परीक्षा का महत्त्व और गरिमा सर्वोच्च प्राथमिकता में रहे।
                     सभी के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना के साथ|

                                                                                                            नथमल डिडेल

I.A.S.
                                      निदेशक, माध्यमिक शिक्षा 
                                 राजस्थान, बीकानेर

Shivira Panchang

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राजस्थान की प्रारम्भिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा के समस्त राजकीय, मान्यता प्राप्त गैर सरकारी/CBSE/CISCE से सम्बद्ध विद्यालयों/अनाथ बच्चों हेतु संचालित आवासीय विद्यालयों/विशेष प्रशिक्षण शिविरों एवं शिक्षक प्रशिक्षण विद्यालयों के लिए सत्र 2018-2019 का यह शिविरा पंचांग प्रस्तुत है। इसके अनुसार ही सत्रपर्यन्त विद्यालयी कार्यक्रम, अवकाश, परीक्षा, खेलकूद प्रतियोगिता आदि का आयोजन अनिवार्य है। 

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